ब्यूरो कानपुर - रवि गुप्ता
कानपुर--नवरात्रि
के पॉवन पर्व पर जहां देश भर में श्रद्धालुओं की माता को मनाने के लिए
मंदिरों में भीड़ उमड़ पड़ी है वहीँ कानपुर के
बिरहाना रोड स्थित वैभव लक्ष्मी माता मंदिर में हज़ारो की तादाद में
श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही दिखाई दे रही है। ये भीड़ माता के दर्शन कर
माँ का
खजाना लेने के लिए पहुंची हुई थी लोगो का मानना है कि माता वैभव लक्ष्मी
के मंदिर के इस खजाने को ले जाकर अपने घर और प्रतिष्ठानो
में रखने से बरक्कत होती है और सुख, सम्रद्धि, धन , वैभव के यश बढ़ता है।
खजाने के लिए तड़के सुबह से लगी भक्तों की कतार
फीलखाना
थाना क्षेत्र के वैभव लक्ष्मी माता मंदिर में सुबह 4 बजे से
ही श्रद्धालुओं की भीड़ माता के दर्शन कर खजाना लेने के लिए उमड़ पड़ी. इस
दौरान हज़ारो की संख्या में पहुंची महिलाओं ने माता रानी के दर्शन कर खजाने
की प्राप्ति की। बताया जाता है यह मन्दिरकाफी पुराना है। लेकिन इसका
जीर्णोद्धार सन 2000 में हुआ।
जिसके बाद से हर वर्ष खजाने का वितरण
नवरात्रि के शुक्रवार को किया जाता है जिसे लेने के लिए प्रदेश ही नही देश
के कोने कोने से भक्त यहाँ शुक्रवार को यहां पर माता रानी के खजाने
को प्राप्त करने के लिए पहुंचते है. इस दौरान सुबह 6 बजे से माता रानी का
खजाना वितरण शुरू किया जाता है जो रात आठ बजे तक बाटा जाता है। वहीँ इस
खजाने को लेने के लिए महिलाएं
घण्टो लंबी लम्बी कतार में खड़े होकर खजाने को प्राप्त करती
हैं।
प्रसाद के रूप में दिया जाता है खजाना
महंत
अनूप कपूर ने बताया कि यह मन्दिर तो वैसे बहुत पुराना हैइस मंदिर में
माता के रूप में एक बाल कन्या मन्दिर में आकर नाच रही थी। वही मंदिर की देख
रेख पत्नी ही किया करती थी। एक रात
स्वप्न में पत्नी को माता ने दर्शन दिए। जिसमें उन्होंने कहा कि चढ़ावे
में जो
सिक्के चढ़े उसे लाल कपड़े में लपेटकर भक्तों को प्रसाद के रुप में बांट
दिया जाए।
जिसके बाद से इस मन्दिर का जीर्णोद्धार हुआ। और सन 2000 से यहां
खजाने वितरित की परंपरा शुरु हो गयी। और साल में 2 बार आने वाले नवरात्रि
के शुक्रवार को खजाना बांटा जाता है। माता वैभव लक्ष्मी के दर्शन को लेकर 2
किलोमीटर लंबी लाइन महिलाओ की लगती है और देश के कोने कोने से भक्त यहां
विशेष रूप से माता के दर्शन कर नवरात्रि के शुक्रवार को खजाना प्राप्त
करते
हैं। खास बात यह है कि जिन लड़के लड़कियों की शादी नही हो रही होती है वह
यहां दर्शन के लिए आते है और उनकी शादियां माता की कृपा से जल्दी हो जाती
है।
माता की बड़ी कृपा
बिहार
से आई लक्ष्मी हर वर्ष यहां आकर माता के दर्शन कर खजाना पाती है और उनका
कहना है कि जबसे हम यहाँ आ रहे है हमारे घर मे माता रानी ने खुशहाली भर दी
है।हमारे पास घर नहीं था सनतान नहीं थी माता रानी अपना घर के साथ दो
संतान भी दिया है हम हर नवरात्रि में यहां पर माता का खजाना लेने जरूर आते
है।
वहीं कई घण्टे की कतार में खड़ी हुई उन्नाव से आई शोभा ने बताया कि यहां
नवरात्र के शुक्रवार को खजाना दिया जाता है जिसे हम सभी सुबह से ही
प्राप्त करने के लिए पहुंच गए और यहां माता के दर्शन कर खजाना प्राप्त
किया जिसे घर की अलमारियों में रखेंगे ऐसा करने से घर मे बरक्कत होती है।



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