रिपोर्ट - पुनीत मिश्रा
आखिर कौन थे माइकल के नाना जानिए-अंग्रेजी हुकुमत के समय जिले में गिल्बर्ट व्हीलर कोली फर्रुखाबाद के पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे ।वह अपने छेत्र में हुई हर घटना पर जाकर स्वम जांच करते थे। 3 अप्रैल 1936 को वह झगड़े की सूचना पर पिपरगांव में सब इस्पेक्टर जयंती प्रसाद के साथ पहुंचे थे।लेकिन उसी गांव के निबासी रामसिंह पाल ने गोली मारकर दोनो लोगो की हत्या कर दी थी।और स्वयं गोली मारकर आत्महत्या कर ली ।
भारत
भ्रमण पर इंग्लैंड के रहने वाले माइकल क्लार्क को फर्रुखाबाद में शहीद हुए
अपने नाना की याद आ गई उन्होंने अपने नाना के इतिहास को जानने के लिए एसपी
सन्तोष मिश्रा से मुलाकात करने के बाद उनकी समाधि पर फूल चढ़ाकर
श्रंद्धांजलि दी।
आखिर कौन थे माइकल के नाना जानिए-अंग्रेजी हुकुमत के समय जिले में गिल्बर्ट व्हीलर कोली फर्रुखाबाद के पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात थे ।वह अपने छेत्र में हुई हर घटना पर जाकर स्वम जांच करते थे। 3 अप्रैल 1936 को वह झगड़े की सूचना पर पिपरगांव में सब इस्पेक्टर जयंती प्रसाद के साथ पहुंचे थे।लेकिन उसी गांव के निबासी रामसिंह पाल ने गोली मारकर दोनो लोगो की हत्या कर दी थी।और स्वयं गोली मारकर आत्महत्या कर ली ।
उस समय पुलिस अधीक्षक गिल्बर्ट व्हीलर कोली की मौत के समय उनकी उम्र 32 साल
थी । उस समय उनकी इकलौती बेटी थी। शहीद एसपी की बेटी का बेटा माइकल
क्लार्क भारत देश भ्रमण पर इसी मकसद से आये हुए थे कि वह अपने नाना के बारे
में व उनका पूरे इतिहास की जानकारी कर सके।उन्होंने शहीद स्थल पिपरगांव
में जाकर अपने नाना की समाधि पर फूल चढ़ाकर गांव वालों से बातचीत है।साथ ही
फतेहगढ़ पुलिस लाइन में अपने पिता को श्रंद्धांजलि दी। यह भी भारतीय
संस्कृति बहुत महान है।
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