जिला संवाददाता - अरविन्द शर्मा
कानपुर देहात के ब्लॉक सरवनखेड़ा के एक गांव के प्रधान और सचिव के विवाद ने भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी, भ्रष्टाचार के इस विवाद में ब्लॉक और जिले के अधिकारी भी अलग अलग पाली में दिखाई दिए, केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं के द्वारा गांव में आए विकास के धन का दुरुपयोग किया गया और बिना मानक विकास कर धन उगाही की गई ,
यही नहीं गांव की गरीब जनता के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और शौचालय देने के नाम पर ग्रामीणों से लाखों रुपए वसूले गए और रिश्वत के रूप में वसूले गए रुपयों के बंटवारे को लेकर ग्राम प्रधान और सचिव में विवाद शुरू हो गया जब पूरा विवाद जिले के पंचायत राज अधिकारी के पास पहुंचा तो महोदय ने पूरे मामले को रफा-दफा कर मामले को दबाने की कोशिश भी कर डाली , इस भ्रष्टाचार के विवाद में भ्रष्टाचारियो पर भले ही कोई कार्यवाही न हो, लेकिन गांव का गरीब पिसता नजर आ रहा है लेकिन बेचारी गरीब जनता की सुनने वाला कोई नहीं ।
पूरा मामला जनपद के ब्लाक सरवन खेड़ा की ग्राम पंचायत जरैला का है , इस पंचायत की प्रधान गुड्डी देवी और सचिव श्रीमती अमिता मिश्रा जरूर है लेकिन प्रधान और सचिव का काम इनके पति ही संभालते हैं ,और यह सब अधिकारियों के संज्ञान में चल रहा है , जब पूरे मामले को लेकर ग्राम पंचायत की गरीब ग्रामीणों से बात की गई तब ग्रामीणों ने बताया की ग्राम प्रधान के पति छिददन पासवान और सचिव के पति अभिषेक मिश्रा के द्वारा ग्रामपंचायत में की गरीब जनता से आवास के नाम पर 20 हज़ार रुपए और शौचालय के नाम पर 2 हज़ार रुपये वसूला जाता है, प्रधान पति और सचिव पति की करतूत यही नहीं रुकती बल्कि इन लोगों ने मिलकर गांव में विकास के लिए आए हुए धन का दुरुपयोग कर लाखों रुपए की धांधली भी कर डाली और बेचारी गांव की जनता विकास की आस में प्रधान और सचिव से उम्मीद लगाए बैठी रही , लेकिन आज तक इस ग्राम पंचायत की जनता को ना ही विकास मिला और ना ही आवास ,और आज तक किसी भी अधिकारी ने इस गांव में जाकर जांच करना भी मुनासिब नहीं समझा ,
वहीं प्रधान और सचिव के पतियों के विवाद ने पूरे मामले में चार चांद लगा दिए और दोनों के विवाद से भ्रष्टाचार की बू आने लगी ,
ग्राम पंचायत में सचिव व प्रधान ने मिलकर नियमो ओर मानकों को ताक पर रख कर पीडब्ल्यूडी के रोड को इंटरलॉकिंग करवा दिया, जबकि पीडब्ल्यूडी के रोड में लगने वाला धन गांव की बदहाल और खराब सड़कों पर लगना था लेकिन ग्राम प्रधान और सचिव ने बिना मानक का रोड बनाकर लाखों की धांधली कर डाली और इसी धांधली के बंटवारे के चलते प्रधान और सचिव में आपसी विवाद हो गया और विवाद इतना बढ़ा की प्रधान पति ने ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी ।
प्रधान
ने पहले तो पीडब्ल्यूडी के रोड पर हुए निर्माण को निराधार बताया और दोबारा
पीडब्ल्यूडी के रोड पर निर्माण का पेमेंट रोकने को लेकर ब्लॉक पंचायत अधिकारी और सचिव पति के ऊपर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए खुद को ईमानदार बतायाऔर
जब आवास के मामले की बात की गई तो प्रधान ने एडीओ पंचायत और सचिव पर आरोप
लगाते हुए कहा कि दोनों ने मिलकर मेरी ग्राम पंचायत में जमकर गरीब
ग्रामीणों से धन उगाही की है यहां तक ही नहीं मीडिया के सवालों में फंसे
प्रधान ने यह तक भी कर डाला कि ग्रामीणों से आवास के नाम पर 20-20 हज़ार रुपया वसूल कर लाखो रुपया स्वयं ही उन्होंने ब्लॉक के एडीओ दिनेश चंद्र पांडे और सचिव पति अभिषेक पांडे को दिया है और पंचायत की जनता को 40 आवास देने का वादा किया था लेकिन आज तक किसी भी ग्रामीण को कोई आवास नहीं मिल सका
प्रधान के पति छिददन पासवान ने बतया की ......
वहीं जब पूरे मामले को लेकर सचिव और सचिव के पति से बात की तो उन्होंने पीडब्ल्यूडी के रोड पर की गई इंटरलॉकिंग को मानक विहीन बताया साथ ही सचिव पति अभिषेक मिश्रा ने बताया की ब्लॉक के एडीओ ने जांच में पीडब्ल्यूडी का रोड पाया जिसके कारण दोबारा हुई इंटरलॉकिंग का पेमेंट रोका गया है सचिव पति ने विवाद के चलते ग्राम पंचायत में पूर्व में हुई कई भ्रष्टाचार के मामलों का भी खुलासा कर डाला वहीं सचिव पति ने स्वयं ही कुबूल किया की ब्लॉक के कुछ अधिकारियों की बदौलत यह विवाद शुरू हुआ है जबकि हम लोग अधिकारियों को उनका हिस्सा देकर बिना मानक का कार्य वी पास करा लाते थे क्योंकि अधिकारियों को प्रधान से ज्यादा हम लोगों पर भरोसा होता है सुनिए सचिव सचिव पति की जुबानी कि किस तरीके से ग्राम पंचायत में होने वाले कार्यों पर की जाती है धन उगाही ,
सचिव के पति अभिषेक मिश्रा ने कहा की ...
जब पूरे मामले को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव से
बात की गई तो उन्होंने पूरे मामले पर गोलमोल जवाब देते हुए पूरे मामले को
दबाने की कोशिश करते नजर आए और पूरे मामले की जांच को लेकर पूछा गया तो
महोदय ने जांच का विषय नहीं है का हवाला देते हुए मामले को रफा-दफा करते नजर आए ,
जिला पंचायत राज अधिकारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने बतया की
बरहाल पूरे मामले को देख कर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार की योजनाओं को ये अधिकारी किस कदर पलीता लगाने में लगे हैं और भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी कर बंदर बांट कर रहे हैं अब देखने वाली बात यह होगी कि इन अधिकारियों पर कब और कैसे कार्यवाही होगी ।
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