मध्यप्रदेश में अब पुलिस बैंड के साथ होगा वंदे मातरम - Tahkikat News

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Thursday, 3 January 2019

मध्यप्रदेश में अब पुलिस बैंड के साथ होगा वंदे मातरम

वंदे मातरम की अनिवार्यता पर अस्थायी रूप से रोक लगाने वाले मध्यप्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अब इस मामले पर यूटर्न ले लिया है. कमलनाथ ने कहा है कि इस फैसले को अपडेट किया गया है और अब से पुलिस बैंड की धुन पर राष्ट्रगीत गाया जायेगा, जिसमे आम जनता भी भाग ले सकती है. ज्ञात हो कि 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने इस परंपरा की शुरुआत कि थी.
बता दें कि मध्य प्रदेश के सचिवालय में लंबे समय से चला आ रहा एक रिवाज अचानक से बदल दिया गया। यह परंपरा थी महीने के पहले दिन राष्ट्रगीत गाने की। नया साल शुरू हुआ, पहली तारीख पर जब वंदे मातरम नहीं गूंजा तो सवाल खड़े होने लगे। विपक्षी दल बीजेपी ने सरकार पर जमकर निशाना साधा था। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था, 'अगर कांग्रेस को राष्ट्रगीत के शब्द नहीं आते हैं या राष्ट्रगीत के गायन में शर्म आती है तो मुझे बता दें। हर महीने की पहली तारीख को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम मैं गाऊंगा।' कमलनाथ सरकार के फैसले के अनुसार, अब महीने के पहले कार्यदिवस के दिन पुलिस बैंड की धुन पर वंदे मातरम का गान होगा। इसमें आम जनता भी शामिल होगी। इसके लिए शौर्य स्मारक से गांधी स्मारक तक मार्च होगा, जिसमें सचिवालय के कर्मचारी भी शामिल होंगे। बता दें कि पहले सचिवालय में हर महीने के पहले कार्यदिवस पर वंदे मातरम का गान होता था। 2005 से तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने यह परंपरा शुरू की थी।

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