जिला संवादाता - अरविन्द शर्मा
समाज सेविका कंचन मिश्रा डेरापुर तहसील स्थित रैंगवा गांव पहुंच कर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व दिवस में कानपुर देहात की सबसे सशक्त महिला शहीद श्याम बाबू की पत्नी रूबी, उनकी माता जी, को शॉल पहनकर सम्मानित किया। कंचन मिश्रा मानती है बहुत भारी जिगर वाला ही ये बलिदान कर सकता है , जो रूबी और उसकी सास ने किया। नौ महीने कोख में रखकर माँ बड़े दर्द सह कर बच्चे को जन्म देती है।फिर किसी तरह मजदूरी कर पालती पोस्ती है पढ़ाती है, और बड़ा कर के भेज देती है बार्डर पर सबकी रक्षा के लिए, बड़े चाव से बेटे की शादी करती है दुल्हन भी बड़े अरमान से घर आती है, पति के विदा के समय बीबी और माँ अपने सीने पर पत्थर रख भेजती है। और एक दिन खबर आती है कि माँ का पुत्र और पत्नी का पति शहीद हो गया।
समाज सेविका कंचन मिश्रा डेरापुर तहसील स्थित रैंगवा गांव पहुंच कर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व दिवस में कानपुर देहात की सबसे सशक्त महिला शहीद श्याम बाबू की पत्नी रूबी, उनकी माता जी, को शॉल पहनकर सम्मानित किया। कंचन मिश्रा मानती है बहुत भारी जिगर वाला ही ये बलिदान कर सकता है , जो रूबी और उसकी सास ने किया। नौ महीने कोख में रखकर माँ बड़े दर्द सह कर बच्चे को जन्म देती है।फिर किसी तरह मजदूरी कर पालती पोस्ती है पढ़ाती है, और बड़ा कर के भेज देती है बार्डर पर सबकी रक्षा के लिए, बड़े चाव से बेटे की शादी करती है दुल्हन भी बड़े अरमान से घर आती है, पति के विदा के समय बीबी और माँ अपने सीने पर पत्थर रख भेजती है। और एक दिन खबर आती है कि माँ का पुत्र और पत्नी का पति शहीद हो गया।
इसलिये दोनों का सम्मान कर
पूरे परिवार को नमन किया।
साथ
मे कंचन मिश्रा ने उनके परिवार के साथ समय बिताते हुए उनको किसी प्रकार की
कोई दिक्कत ,हाल चाल जाना, और अनुरोध किया कि कभी कोई दिक्कत आये शासन
प्रशाशन में तो निःसंकोच हमे बताये, निःस्वर्थ वो आपका काम करेंगी। और
फर्जी फोन से बचने को कहा

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