रिपोर्ट - रीतू श्रीवास्तव
सुल्तानपुर सच का सामना के जरिए पीड़ितों को न्याय दिलाने का अभियान जोर
पकड़ रहा है ।हफ्ते में एक बार सच के सामने में मामलों की विवेचना एसपी की
खुली आंखों के सामने होता है ।हालांकि पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स की अनूठी
पहल कारगर हो रही है क्योंकि धन बल और राजनीतिक प्रभाव का कोई असर नहीं पड़
रहा है।आज शुक्रवार को कुल 14 मामले में असन्तुष्ट पछ वादी,विवेचक व
प्रतिवादी जिले के एसपी के सामने तलब हुए और एसपी की कार्यवाई से सन्तुष्ट
हुए।लेकिन पुलिस और न्याय विभाग के दूषित सिस्टम के कुछ अंग इसकी सफलता में
आड़े आ रहे हैं ।इस वजह से कप्तान को न्यायिक प्रक्रिया की अड़चनों का भी
सामना करना पड़ रहा है ।क्योंकि व्यवस्था की कमियों और खामियों का लाभ
उठाकर कुछ अपराधी अपने बचाव की जुगत में लगे रहते हैं। इस कारण दर्ज
मुकदमों की विवेचना में विघ्न पैदा होता है और कभी-कभी पीड़ितों को न्याय
मिलने में देरी का सामना करना पड़ता है ।हालांकि *सच का सामना* के आयोजित
होने के मामले का अर्थ समझाते हुए कप्तान अनुराग बतलाते हैं कि पीड़ित का
संबंधित पटल (कुर्सी )पर भरोसा जगना ही सच के सामना का मकसद है ।इस पहल के
जरिए पीड़ितों का विश्वास महकमें पर बनता है और यही उद्देश्य पुलिस विभाग
का है।

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