रिपोर्ट - उमेश शुक्ला
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा इलाके में सीआरपीएफ
में तैनात उन्नाव जनपद के शशिकांत तिवारी नक्सली हमलें में शहीद हो गए। जानकारी
मिलते ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों को अभी पार्थिव शरीर नही
मिला पाया है। लगभग 24 घंटे
बीतने को है, लेकिन सत्ता दल
का कोई भी नेता शहीद के घर झांकने नही
पहुंचा।साथ
ही जब जिलाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने इस बात की भी नाराजगी जताई और शहीद की पत्नी आक्रोशित हो गई है।वही बाद में पहुंचे जिलाधिकारी परिवार को सांत्वना
देते रहे | शहीद की पत्नी ने सीएम योगी को एक पत्र लिखा है और उस
पत्र तहसीलदार को सौपा | उसमे लिखा की अंतिम संस्कार से पूर्व सीएम व गृहमंत्री
यहाँ आये और हम लोगो को सांत्वना दे व आश्वासन दे |नहीं तो पार्थिव शरीर का नहीं
होगा अंतिम संस्कार |यदि सूबे
के मुखिया व राजनाथ सिंह जी स्वयं चलकर न आए तो मेरा पूरा जहर खाकर अपनी जान दे देगा |शहीद की पत्नी ने जिला प्रशासन की एक भी बात सुनने को तैयार नही है।वही जब शहीद की पत्नी से
बात की गई तो उन्होंने बताया की हम यही चाहते है की सबसे पहले सीएम,कैबिनेट मंत्री जी आये हम अपनी जितनी भी
बातचीत है उन्ही के सामने रखना चाहते है |अगर नहीं आयेंगे और हमसे बात चीत नहीं करेंगे तो अपने पति का पार्थिव शरीर का
संस्कार नही करेंगे और हम सारे लोग जहर खाकर मर जायेंगे |वही शहीद की माँ ने बताया की मेरा बेटा 26 साल से सेवा करते करते कल देश के
लिए शहीद हो गया हमें गर्व है | जबतक मुख्यमंत्री और गृहमंत्री हमारे घर पर नहीं
आयेंगे तब तक हमको शांति नहीं है
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