न्यूज़ डेस्क तहकीकात लखनऊ
उपमुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने विक्टोरिया स्ट्रीट लखनऊ लोकसभा क्षेत्र व
मोहनलालगंज लोकसभा के बंथरा में आयोजित सभा में कहा कि विपक्षी दल
अल्पसंख्यकों को भाजपा का भय दिखाकर वोट बटोरने का काम करते हैं। वे
अल्पसंख्यकों को बताते हैं कि भाजपा उनका नुकसान करेगी जोकि हकीकत नहीं है।
भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी सबका साथ सबका विकास की अवधारणा पर काम करते
हैं। सरकार की सभी योजनाए बिना किसी भेदभाव के चलाई गई हैं जिनका लाभ
अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को भी मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सपा व
बसपा की सरकारों ने मुसलमानों को वोट बैंक की तरह प्रयोग किया है व उनकी
शौक्षिक स्थिति में सुधार के लिए कोई प्रयास नहीं किए। ये दल चाहते थे कि
इस समुदाय का उत्थान न हो जिससे कि उनकी आंख में धूल झोंककर वोट हासिल करते
रहें। इसके विपरीत भाजपा ने समाज की मजहबी शिक्षा में छेडछाड के बिना
उन्हे आधुनिक शिक्षा भी देने के प्रयास किए। पार्टी का मत है कि समुदाय के
लोगों के एक हाथ में पवित्र कुरान व एक हाथ में कम्प्यूटर होना चाहिए। इस
समुदाय के लोग भी उच्च पदों पर पहुच सकें इसके लिए योग्यता जरूरी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के हुनर को बढावा देने के
लिए लोन दिलाने की भी व्यवस्था की है। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट
कार्यक्रम चलाया है। प्रधानमंत्री जब भी देश के विकास की बात करते हैं तब
वे देश के सवा सौ करोड देशवासियों को उसमें शामिल करने की बात करते हैं।
पार्टी धर्म के आधार पर भेदभाव में यकीन नहीं करती है। आजादी के बाद देश
में अगर किसी ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए काम किया है तो वह भाजपा की
सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ नेताओं में बडबोलापन बहुत
अधिक है।कांग्रेस की बड़ी नेता ने मोदी जी के खिलाफ चुनाव लडने का ऐलान तो
किया पर जब लगा कि दाल गलने वाली नहीं हैं तो मैदान छोडकर भाग गई। इसी
प्रकार कांग्रेस के अध्यक्ष संसद ने कहा कि आज वह विशेष प्रेसवार्ता करेंगे
जिससे तूफान आ जायेगा पर प्रेसवार्ता के बाद हवा भी नहीं चली। वही सब
पुरानी बातें दोहराते रहे। इसीलिए जनता उनकी बातों में भरोसा नहीं करती है।
कांग्रेस को करना कुछ नहीं है ये केवल बहाना बनाते हैं। लोकसभा चुनाव को
देश बनाने का चुनाव बताते हुए उन्होंने कहा कि सपा बसपा और कांग्रेस सभी
आपस में मिले हुए हैं। ये 23 मई तक एक साथ है उसके बाद इनमें फूट पडनी तय
है।
उन्होंने कहा कि सपा बसपा व कांग्रेस अपने अस्तित्व को बचाने के लिए चुनाव
लड रहे हैं। कांग्रेस को वोट कटवा पार्टी बताते हुए उन्होंने कहा कि यह
गठबंधन की मदद के लिए भाजपा के वोट काटने की जुगत में हैं। इनसे सावधान
रहने की जरूरत है। उन्होने कहा कि आज देश बदल रहा है और पांच साल के लिए
देश के भाग्य का फैसला हो रहा है। आज विपक्ष जाति के नाम पर, धर्म के नाम
पर क्षेत्र के नाम पर और मोदी जी को हराने के नाम पर वोट मांग रहा है। इसके
विपरीत भाजपा अपने काम के आधार पर वोट मांग रही है। उन्होंने कहा कि
प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार लाल किले से अपने भाषण में जहां जनधन खाते
खुलवाने की बात कही वही स्वच्छता को मिशन बनाने की भी घोषणा की थी। इसके
पूर्व अन्य प्रधानमंत्री इस अवसर का उपयोग अपने राजनैतिक एजेन्डे के लिए
करते थे। स्वच्छता मिशन का उद्देश्य कूडे को केवल हटना ही नहीं था बल्कि
उससे होने वाली बीमारियों को रोकना व उसका बिजली बनाने व खाद बनाने आदि के
क्षेत्र में सकारात्मक प्रयोग करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने राजनैतिक
स्वार्थ साधने को तिलांजलि देते हुए देश बनाने की नई राजनीति की शुरुवात की
है। देश को सही मायनें में बदलने की नींव रखी गई। देश में पूर्व में तमाम
प्रकार की क्रान्तियां हुई पर पहली बार मोदी सरकार के समय में एक नई प्रकार
की शौचालय क्रान्ति, बिजली क्रान्ति, गैस चूल्हा क्रान्ति का आगाज हुआ।
उन्होंने कहा कि इस सरकार के आने के पूर्व महिलाओं को दैनिक क्रिया के लिए
अंधेरा होने का इंतजार करना पडता था। प्रधानमंत्री ने संकल्प लिया कि
अंधेरे में खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर महिलाओं को घर में शौचालय
उपलब्ध कराकर उनके सम्मान को सुरक्षित किया जाए। इस संकल्प से आरंभ हुआ
मिशन आज ऐसे मुकाम पर है जहां देश में 90 प्रतिशत से अधिक लोगों को शौचालय
की सुविधा उपलब्ध है। मोदी सरकार के आने के पूर्व यह सुविधा मात्र 38
प्रतिशत लोगों के पास ही थी। डा शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद सवा सौ करोड की जनसंख्या वाले देश में
मात्र 13 लाख लोगों के पाय बैंक में खाता था पर जनधन योजना ने आम आदमी के
लिए बैंक के दरवाजे को खोल दिया। आज 34 करोड से ऊपर लोगों के पास बैंक में
खाता है। उन्होंने कहा कि इसके बाद विपक्ष ने खातों की उपयोगिता पर सवाल
उठाया तो सरकार ने खातों में सीधे धनराशि भेजकर ऐसे लोगों को जवाब दिया।
इसके पूर्व में कांग्रेस के एक प्रधानमंत्री सरकारी पैसे के लाभार्थी तक
पहुचने में होने वाले भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा था कि 100 में से
मात्र 15 रूपए ही व्यक्ति तक पहुचता है। मोदी सरकार ने इन खातों में पूरी
धनराशि भेजकर उस भ्रष्टाचार को भी जड से उखाड फेंका। यह डिजिटल इंडिया की
शुरूआत थी। उन्होंने कहा कि मोदी योगी की डबल इंजन वाली यूपी सरकार ने एक जनपद एक
उत्पाद योजना के जरिए हर जिले के विशेष उत्पादों को उसकी पहचान से जोडने का
काम आरंभ किया। सरकार ने छोटे उद्योगों को लोन दिलाने व गांव के लोगों को
लोन दिलाने की व्यवस्था की। हर गांव में अनुसूचित जाति के दो लोगों को लोन
देना अनिवार्य किया गया। मोदी सरकार ने 59 मिनट में एक करोड तक का लोन देने
की योजना भी आरंभ की। सरकार की मंशा है कि नौजवानों को रोजगार मिले।
राजधानी लखनऊ में हुए निवेशक सम्मेलन में आई कम्पनियां जब यहां निवेश
करेंगी तो स्थानीय लोगों को रोजगार देंगी। व्यवस्था तो ऐसी कर दी है कि
मेधावी छात्र अब ज्ञान अर्जन के साथ ही पैसा भी कमाएंगे। नौकरी देने के लिए
शिक्षकों व पुलिस की भर्ती निकाली गईं है। कुछ शिक्षकों के पदों पर
नियुक्तियां तक हो गई है। नौजवान को काम और किसान की आमदनी 2022 तक दोगुनी
करना लक्ष्य है। किसान की आमदनी को बढाने के लिए लागत घटाते हुए समर्थन
मूल्य बढाया है। आज किसान को खाद बीज के लिए लाठी नहीं खानी पडती है। धान
गेंहू की खरीद से बिचैलिए दूर कर दिए है। गन्ना किसानों के बकाये का 62
हजार करोड का भुगतान कर दिया गया है। उन्होंने स्थानीय सांसद कौशल किशोर के
कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने राजधानी लखनऊ में गृहमंत्री राजनाथ
सिंह के समर्थन में नाका चैराहा, रानीगंज व पाण्डेयगंज में पदयात्रा करके
जनसमर्थन भी जुटाया। इन कार्यक्रमों में पार्टी प्रवक्ता शहनवाज हुसैन,
युवा नेता नीरज सिंह, अन्नू मिश्र, गौरव महेश्वरी, जयदेवी रावत विधायक,
वीरेन्द्र तिवारी चेयरमैन लैकफेड, राजीव दीक्षित पार्षद, रजनीश गुप्ता
पार्षद, मनीष गुप्ता आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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